संस्कृत व्याकरण Complete Sanskrit Grammar Reference
माहेश्वर सूत्र से लेकर छन्द-अलंकार तक — सब कुछ एक ही स्थान पर। खोजें, सीखें, स्मरण करें।
संस्कृत व्याकरण — संपूर्ण मार्गदर्शिका (Sanskrit Grammar Guide)
यह संस्कृत व्याकरण (Sanskrit Vyakaran) टूल कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों, संस्कृत शिक्षकों तथा बोर्ड, CBSE, UGC-NET, CTET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए बनाया गया है। इसमें वर्णमाला व माहेश्वर सूत्र, सन्धि, शब्दरूप (सुबन्त), कारक-विभक्ति, धातुरूप (तिङन्त), दश लकार, दश गण, उपसर्ग, प्रत्यय, कृदन्त, समास, छन्द, अलंकार तथा पाणिनीय पारिभाषिक संज्ञाएँ — संपूर्ण संस्कृत ग्रामर उदाहरण एवं तालिकाओं सहित सरल हिंदी में समझाया गया है।
Learn complete Sanskrit grammar online for free. This interactive reference covers the alphabet and Maheshwar sutras, sandhi, noun declension (subanta), karaka and vibhakti, verb conjugation (tinanta) with all ten lakaras and ten ganas, prefixes and suffixes (upasarga-pratyaya), compounds (samas), metre (chhand) and figures of speech (alankar) — with clear examples for board and competitive exams.
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न — Sanskrit Grammar FAQ
संस्कृत में कितने वचन और पुरुष होते हैं?
संस्कृत में तीन वचन होते हैं — एकवचन, द्विवचन और बहुवचन; तथा तीन पुरुष — प्रथम पुरुष, मध्यम पुरुष और उत्तम पुरुष। (हिंदी-अंग्रेज़ी से भिन्न, संस्कृत में द्विवचन भी होता है।)
संस्कृत में कितनी विभक्तियाँ और कारक होते हैं?
संस्कृत में सात विभक्तियाँ (प्रथमा से सप्तमी) और आठवाँ संबोधन होता है। कारक छह हैं — कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान और अधिकरण (संबंध कारक नहीं है)।
संस्कृत में कितने लकार होते हैं?
संस्कृत में दश लकार होते हैं — लट्, लिट्, लुट्, लृट्, लोट्, लङ्, विधिलिङ्, आशीर्लिङ्, लुङ् और लृङ्। ये काल और अर्थ (आज्ञा, विधि आदि) दर्शाते हैं।
सन्धि के कितने प्रकार होते हैं?
सन्धि तीन प्रकार की होती है — स्वर सन्धि (जैसे दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि), व्यंजन सन्धि (श्चुत्व, ष्टुत्व, जश्त्व आदि) और विसर्ग सन्धि (सत्व, उत्व, रुत्व)।
समास के कितने भेद होते हैं?
समास के मुख्य चार भेद हैं — अव्ययीभाव, तत्पुरुष (जिसके अंतर्गत कर्मधारय व द्विगु), द्वंद्व और बहुव्रीहि समास।
संस्कृत व्याकरण प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कैसे उपयोगी है?
बोर्ड, CBSE, UGC-NET (संस्कृत), CTET जैसी परीक्षाओं में सन्धि, समास, शब्दरूप, धातुरूप, कारक, प्रत्यय और अलंकार पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जिन्हें यह टूल तालिकाओं सहित कवर करता है।
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